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Tag: Chetan Anand Hindi Gazal

चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है Chetan anand Hindi Ghazal: Meri parwaaj jab jab bhi kabhi ambar mai hoti hai

चेतन आनंद : मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है

मेरी परवाज़ जब-जब भी कभी अम्बर में होती है कोई उलझी हुई क़ैंची भी मेरे पर में होती है।   भले कुछ भी करो लेकिन हमेशा याद ये रखना पड़ोसी ...

चेतन आनंद : खमोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में। Chetan anand Hindi Ghazal: Khamoshiya hi Khamoshiya hai hamare dil mai tumhare dil mai

चेतन आनंद : खमोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में।

ख़मोशियां ही ख़मोशियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में। उदासियां ही उदासियां हैं हमारे दिल में तुम्हारे दिल में।।   हमें यक़ीं हैं गिरा ही लेंगीं ये नफरतों के ...

चेतन आनंद: बनके आई जो दुल्हन उस खुशी के चर्चे हैं Chetan anand Hindi Ghazal: Banke aayi jo dulhan us khushi ke charche hai

चेतन आनंद : प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग

प्यार कब आगे बढ़ा तक़रार से रहकर अलग, सीढ़ियां बनती नहीं दीवार से रहकर अलग।   रुक गये तो मौत के आग़ोश में आ जाओगे, सांस चलती ही नहीं रफ़्तार ...

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Khash Rapat