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Tag: Poem Of Adam Gondvi

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में Adam Gondvi Hindi Gazal: Jo ulajh kar rah gyi hai failo ke jaal mai

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में  

जो उलझ कर रह गई है फाइलों के जाल में गाँव तक वो रोशनी आएगी कितने साल में बूढ़ा बरगद साक्षी है किस तरह से खो गई रमसुधी की झोपड़ी ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए Adam Gondvi Hindi Gazal: Jism kya hai rooh taq sab kuchh khulasa dekhiye

अदम गोंडवी हिंदी गजल : जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए

जिस्म क्या है रूह तक सब कुछ ख़ुलासा देखिए आप भी इस भीड़ में घुस कर तमाशा देखिए जो बदल सकती है इस पुलिया के मौसम का मिजाज़ उस युवा ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब Adam Gondvi Hindi Gazal: Julaf anagdaai tabssum chaand aainaa gulab

अदम गोंडवी हिंदी गजल : ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब

ज़ुल्फ़-अँगड़ाई-तबस्सुम-चाँद-आईना-गुलाब भुखमरी के मोर्चे पर ढल गया इनका शबाब पेट के भूगोल में उलझा हुआ है आदमी इस अहद में किसको फुरसत है पढ़े दिल की क़िताब इस सदी की ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया Adam Gondvi Hindi Gazal: Chand hai jere kadam suraj khilaona ho gaya

अदम गोंडवी हिंदी गजल : चाँद है ज़ेरे-क़दम, सूरज खिलौना हो गया  

चाँद है ज़ेरे-क़दम. सूरज खिलौना हो गया हाँ, मगर इस दौर में क़िरदार बौना हो गया शहर के दंगों में जब भी मुफलिसों के घर जले कोठियों की लॉन का ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है Adam Gondvi Hindi Gazal: Ghar mai thande chulhe par agar khaali pateeli hai

अदम गोंडवी हिंदी गजल : घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है  

घर में ठंडे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है बताओ कैसे लिख दूँ धूप फागुन की नशीली है भटकती है हमारे गाँव में गूँगी भिखारन-सी सुबह से फरवरी बीमार पत्नी ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में Adam Gondvi Hindi Gazal: Kaaju bhune plate mai whiskey glass mai

अदम गोंडवी हिंदी गजल : काजू भुने पलेट में ह्विस्की गिलास में  

काजू भुने पलेट में विस्की गिलास में उतरा है रामराज विधायक निवास में पक्के समाजवादी हैं तस्कर हों या डकैत इतना असर है खादी के उजले लिबास में आजादी का ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी Adam Gondvi Hindi Gazal: Aap kahate hai sarapa gulmohar hai Jindagi

अदम गोंडवी हिंदी गजल : आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी  

आप कहते हैं सरापा गुलमुहर है ज़िंदगी हम ग़रीबों की नज़र में इक क़हर है ज़िंदगी भुखमरी की धूप में कुम्हला गई अस्मत की बेल मौत के लमहात से भी ...

अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है Adam Gondvi Hindi Gazal: Hamme koi hun koi shaq koi mangol hai

अदम गोंडवी हिंदी गजल : हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है  

हममें कोई हूण, कोई शक, कोई मंगोल है दफ़्न है जो बात, अब उस बात को मत छेड़िए ग़र ग़लतियाँ बाबर की थीं; जुम्मन का घर फिर क्यों जले ऐसे ...

Adam Gaudvi Hindi Gazal: Batao kaise likh du dhoop faagun ki nashilee hai

अदम गोंडवी हिंदी गजल : बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है

घर में ठन्डे चूल्हे पर अगर खाली पतीली है बताओ कैसे लिख दूं धूप फागुन की नशीली है बगावत के कमल खिलते हैं दिल के सूखे दरिया में मैं जब ...

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