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Tag: वसीम बरेलवी गजल

तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते- वसीम बरेलवी Waseem barelvi ki gazal Tumhare rah mai Mitthi ke ghar nahi aate...

तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते- वसीम बरेलवी

तुम्हारी राह में मिट्टी के घर नहीं आते इसीलिए तो तुम्हें हम नज़र नहीं आते मुहब्बतों के दिनों की यही ख़राबी है ये रूठ जाएँ तो फिर लौटकर नहीं आते ...

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Khash Rapat